शुक्रवार, 30 जुलाई 2021

खबर संग्राम न्यूज़  जिला सतना से संवादाता ऋषिकेश त्रिपाठी की खास रिपोर्ट

खबर संग्राम न्यूज़ जिला सतना से संवादाता ऋषिकेश त्रिपाठी की खास रिपोर्ट

*जिला सतना सुहावल ब्लॉक अंतर्गत अहीर गांव ग्राम पंचायत में झोलाछाप डॉक्टर लोगों के जीवन से कर रहा है खिलवाड़* अहिर गांव ग्राम पंचायत.. ठीक सतना से 10 किलोमीटर दूरी पर यह ग्राम पंचायत सुहावल ब्लॉक के अंतर्गत है डॉक्टर रामबाबू सिंह जो अपने आप को बड़ा डॉक्टर बता रहा है गरीब जनता के साथ जीवन से खिलवाड़ करने में लगा है किसी भी दिन बड़ी से बड़ी वारदात हो सकती है ना तो इसके पास क्लीनिक में बोर्ड लगा हुआ है ना ही कोई डिग्री सवाल जवाब करने पर अनाप-शनाप उत्तर दे रहा है ग्रामीण जनता के साथ आखिरकार कब तक खिलवाड़ चलता रहेगा देखने पर दुकान के अंदर सीधे मेडिकल स्टोर शरीके दवाइयां काउंटर पर रखे हुए हाय लोगों से मनमानी ढंग से फीस वसूल कर दवाइयां प्रिंट रेट से ज्यादा देता है क्या जिला के अधिकारी इस मामले को संज्ञान में लेगी ताकि ग्रामीण जनता के जीवन के साथ खिलवाड़ ना हो सके खबर संग्राम न्यूज़ जिला सतना से संवादाता ऋषिकेश त्रिपाठी की खास रिपोर्ट

शुक्रवार, 16 जुलाई 2021

विद्युत विभाग की लापरवाही को लेकर करेगे

विद्युत विभाग की लापरवाही को लेकर करेगे

विद्युत विभाग की लापरवाही को लेकर करेगे... सतना रामपुर बघेलान खबर संग्राम न्यूज़* रामपुर बघेलान बिजली विभाग की तानाशाही को लेकर विरोध प्रदर्शन 19 जुलाई को रामपुर बघेलान:-जिले के रामपुर बघेलान विद्युत विभाग की लापरवाही को लेकर आगामी 19 जुलाई 2021 से विद्युत मंडल कार्यालय के सामने आमरण अनशन में बैठ कर विरोध प्रदर्शन करने की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सतीश शुक्ला सचिव जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण ने दी श्री शुक्ला ने बताया कि पूरे प्रदेश में भाजपा सरकार की नाकामी के चलते क्षेत्र में हाहाकार मचा हुआ है कोई भी सक्षम अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है अवैध विद्युत कटौती की जा रही वही ग्रामीण क्षेत्रो में जगह जगह तारे टूटी हुई है जिन्हें सुधारे वाला कोई भी विभागीय अधिकारी कर्मचारी नजर नहीं आ रहा है कांग्रेस नेता सतीश शुक्ला ने कहा कि रामपुर बघेलान शहरी क्षेत्र वार्ड नं 5 कुर्मिहा टोला व ज्ञानज्योति विद्यालय के समीप लगे ट्रांसफार्मर विगत 1 माह से जले हुए हैं जिन्हें बदलने को लेकर कई बार विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को लिखित व मौखिक शिकायत की जा चुकी है इसके बावजूद विभाग के कानों में जू तक नही रेगी है साथ ही श्री शुक्ला ने कहा कि बारिश का मौसम होने के चलते जहरीले जानवरों का आतंक बढ़ा हुआ है वही पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है जिसके विरोध में 19 जुलाई को रामपुर बघेलान बिजली विभाग कार्यालय के सामने अनिश्चित कालीन आमरण अनशन किया जाएगा जिसकी लिखित सूचना एसडीएम रामपुर बघेलान व संबंधित विभाग के आधिकारिक को दी जा चुकी है जिसकी समस्त जबाबदारी शासन प्रशासन की होगी सतना से जिला ब्यूरो चीफ ऋषिकेश त्रिपाठी खबर संग्राम न्यूज़
अनिल गर्ग पिन्टु महाराज पुनः शिवसेना सतना के प्रमुख बनाएं

अनिल गर्ग पिन्टु महाराज पुनः शिवसेना सतना के प्रमुख बनाएं

अनिल गर्ग पिन्टु महाराज पुनः शिवसेना सतना के प्रमुख बनाएं
pp *सतना खबर संग्राम न्यूज़* कल दिनाँक 14 जुलाई 2021 को हुई प्रादेशिक बैठक में कई जिलों में जिला प्रमुख और संगठन प्रमुख की नियुक्तियां की गई जिसके तारतम्य में एक बार पुनः पार्टी आलाकमान ने वर्तमान जिला प्रमुख अनिल गर्ग को जिले का दायित्व दिया गया साथ ही जिला संगठन की कमान भी पुनः राकेश गर्ग खुटहा के हाथों में ही दी गई जिससे सतना के शिवसैनिकों में खुशी की लहर दौड़ गई बधाई देने वालो में मुख्य रूप से योगी सतेन्द्र नाथ आनन्द मोहन मिश्रा योगिता सिंह राबिता मिश्रा कंचन अरुण वर्मा कमलेश साकेत भागवत द्विवेदी जैकी अमित शर्मा बद्री पाठक गब्बर गौतम ओमप्रकाश आदि शामिल रहे और शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। *सतना से जिला ब्यूरो चीफ ऋषिकेश त्रिपाठी*

बुधवार, 14 जुलाई 2021

कॉलेज एवं स्कूल की फीस की जाए माफ अभिनव भूदेव पांडे रामपुर बघेलान*

कॉलेज एवं स्कूल की फीस की जाए माफ अभिनव भूदेव पांडे रामपुर बघेलान*

 कॉलेज एवं स्कूल की फीस की जाए माफ अभिनव भूदेव पांडे रामपुर बघेलान

भूपेंद्र पांडे रामपुर बघेलान

 


सतना खबर संग्राम न्यूज़ चैनल नि.प्र करमऊ युवा छात्र नेता अभिनय भूदेव पांडे ने शिक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री जी से मांग की है कि कालेज एवं स्कूल की फीस माफ की जाए क्योंकि कोरोना काल में जहां एक तरफ लोगों का जीना मुश्किल हो गया है वहीं दूसरी तरफ कालेज एवं स्कूल प्रशासन के द्वारा फीस  वसूला जा रहा है। वही अभिनय भूदेव पांडे ने बताया की स्कूल एवं कॉलेज के द्वारा ऑनलाइन क्लास चलवाई जा रही है लेकिन आज भी कुछ अभिभावक ऐसे हैं जो अपने बच्चों को स्मार्टफोन नहीं दिला सकते क्योंकि करो ना कॉल में कुछ घरों की स्थिति दयनीय हो गई है। वही श्री पांडे ने कहा कि ऑनलाइन क्लास पर भरपूर बच्चों की पढ़ाई नहीं हो रही है क्योंकि एक तरफ कॉलेज एवं स्कूल की फीस देनी पड़ रही है तो दूसरी तरफ मोबाइल पर रिचार्ज हर महीने करवाने के लिए भी मार झेलनी पड़ रही है।। वही श्री पांडे ने बताया कि की फीस के लिए कालेज एवं स्कूल पर शिक्षकों के द्वारा इतना दबाव बनाया जा रहा है कि अगर फीस जमा नहीं होगी तो परीक्षा फार्म नहीं भरे जाएंगे और ना ही परीक्षा पर बैठने दिया जाएग कुछ कॉलेज ऐसे भी हैं जहां ऑनलाइन क्लास चालू है और बच्चों की फीस जमा नहीं है उन्हें ऑनलाइन क्लास के ग्रुप से हटाया जा रहा है इन कालेजों एवं स्कूलों के शिक्षकों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। श्री पांडे ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से फीस माफ किए जाने की मांग की है


*सतना से जिला ब्यूरो चीफ ऋषिकेश त्रिपाठी की रिपोर्ट*

मंगलवार, 13 जुलाई 2021

बजरंग सेना के कार्यकर्ताओं ने ‌सतना के ट्रांसपोर्ट नगर हनुमान मंदिर में किया हनुमान चालीसा का पाठ

बजरंग सेना के कार्यकर्ताओं ने ‌सतना के ट्रांसपोर्ट नगर हनुमान मंदिर में किया हनुमान चालीसा का पाठ

 बजरंग सेना के कार्यकर्ताओं ने ‌सतना के ट्रांसपोर्ट नगर हनुमान मंदिर में किया हनुमान चालीसा का पाठ




 *सतना खबर संग्राम न्यूज़ चैनल* सामाजिक संगठन बजरंग सेना सतना के नेतृत्व में जिला अध्यक्ष शिवेंद्र मिश्रा के तत्वधान पर  हनुमान चालीसा पाठ आयोजन किया गया जिसमें सभी बजरंग सैनिक उपस्थित रहे और हनुमान चालीसा का पाठ कर जय श्री राम नारों का उद्घोष किया  गया जिसमें मुख्य रुप से अभिषेक मिश्रा विवेक अग्निहोत्री  ऋषिकेश त्रिपाठी रामपुर बघेलान आनंद पांडे पार्थ तिवारी अरुनेंद्र मिश्रा अमर शुक्ला आर्यन निषाद अमित जयदेव विश्वकर्मा सभी लोग उपस्थित रहे।


*सतना से जिला ब्यूरो चीफ ऋषिकेश त्रिपाठी की खास रिपोर्ट*

रविवार, 11 जुलाई 2021

डीजल पेट्रोल और रसोई की बढ़ती महंगाई के विरोध में जबलपुर से सीधी जाते वक्त रामपुर का भ्रमण करते हुए रामपुर बघेलान में ज्ञापन दिया गया*

डीजल पेट्रोल और रसोई की बढ़ती महंगाई के विरोध में जबलपुर से सीधी जाते वक्त रामपुर का भ्रमण करते हुए रामपुर बघेलान में ज्ञापन दिया गया*

 *डीजल पेट्रोल और रसोई की बढ़ती महंगाई के विरोध में जबलपुर से सीधी जाते वक्त रामपुर का भ्रमण करते हुए रामपुर बघेलान में ज्ञापन दिया गया*



डीजल पेट्रोल और रसोई गैस की बढती महगाई के विरोध में यूवा काँग्रेस द्वारा जबलपुर से सीधी के लिए साईकिल रैली निकाली गई इस आयोजित साईकिल रैली में आज नेमुआँ मोड़ में नगर अध्यक्ष नारेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में सैकड़ों काँग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ यूवा काँग्रेस (साईकिल रैली) का भव्य स्वागत किया गया इसके पश्चात रैली में सम्मिलित होकर रामपुर बाघेलान मेन मार्केट होकर तहसील रामपुर बाघेलान में ज्ञापन सौंपा गया


*सतना से जिला ब्यूरो चीफ ऋषिकेश त्रिपाठी की खास रिपोर्ट


कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई के साथ हो रहा क्रूर खिलवाड़ :

कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई के साथ हो रहा क्रूर खिलवाड़ :

कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई के साथ हो रहा क्रूर खिलवाड़ : सब कुछ खुला है फिर तीसरी लहर के नाम पर स्कूल कॉलेज क्यों बंद ? कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कराते हुए स्कूल कॉलेज अविलंब खोले जाने की सरकार से अपील रीवा 10 जुलाई . कोरोना काल युवा पीढ़ी एवं बच्चों के भविष्य के लिए एक गंभीर चुनौती बन गया है . एक तरफ सीबीएससी अगस्त माह में बोर्ड परीक्षाएं आयोजित कर रहा है वहीं मध्य प्रदेश में तीसरी लहर की संभावना के नाम पर स्कूल कॉलेज बंद रखे गए हैं और सरकार के द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर मोबाइल की बिक्री को बढ़ावा देकर मोबाइल कंपनियों को भारी लाभ पहुंचाया जा रहा है . ऑनलाइन से होने वाली पढ़ाई के अभी अधिकांश बच्चे वंचित हैं . अधिकांश छात्र-छात्राएं महंगे फोन रखने और नियमित रूप से रिचार्ज का खर्च वहन करने की स्थिति में नहीं हैं . वर्तमान दौर में स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राएं पढ़ाई एवं रोजगार प्रतियोगी परीक्षाओं से भी बुरी तरह वंचित हो गए हैं . ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे छात्र छात्राएं इस स्थिति से संतुष्ट नहीं हैं , न ही पढ़ाने वाले शिक्षक ही . ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर सरकारी कागजी खानापूर्ति की जा रही है . वहीं बच्चों के भविष्य का सवाल भी काफी गंभीर है . कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई किस तरीके से हो इस बारे में गंभीर चिंतन मनन की जरूरत है . नारी चेतना मंच के द्वारा कोरोना काल में हो रही ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर सवाल खड़ा किए हैं . कॉल कांफ्रेंसिंग के जरिए नारी चेतना मंच के द्वारा आयोजित की गई एक अंतर्राज्यीय परिचर्चा में इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) से वीणा सिन्हा , अहमदाबाद (गुजरात) से भारती त्यागी , पटना (बिहार) से सरस्वती दुबे , इंदौर (मध्यप्रदेश) से लीला पवार , इंफाल (मणिपुर) से मयोरी माइबम , सासाराम (बिहार) से एम. ए. अंग्रेजी की छात्रा प्रतिभा कुमारी , रीवा (मध्यप्रदेश) से स्कूली छात्रा खुशी मिश्रा , लक्ष्मी पटेल , रीवा के ग्राम पिपरा नईगढ़ी से सुशीला मिश्रा , रीवा के बड़ागांव तहसील गुढ़ से सुधा त्रिपाठी एवं समाजवादी जन परिषद के नेता अजय खरे ने सक्रिय भागीदारी करते हुए महत्वपूर्ण सुझाव रखे हैं . परिचर्चा में वीणा सिन्हा ने कहा कि 2 मीटर दूरी मॉस्क है जरूरी का पालन कराते हुए सरकार को शीघ्र ही छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक भविष्य को लेकर स्कूल कॉलेज शुरू कर देना चाहिए . कोरोना कॉल में पढ़ाई का वातावरण नहीं होने से बच्चे बिगड़ रहे हैं . अधिकांश घरों में तनाव का माहौल है . इधर देखने को मिल रहा है कि ऑनलाइन पढ़ाई कार्यक्रम केवल सुविधा संपन्न बच्चों के लिए संभव हो पा रहा है . गरीब एवं निम्न मध्यम वर्ग के बच्चे इससे वंचित हो रहे हैं . महंगे मोबाइल खरीदना और उसे लगातार रिचार्ज कराना सामान्य वर्ग के लिए संभव नहीं हो पा रहा है . स्कूल कॉलेज में बच्चे अनुशासित रहते हैं जहां कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन संभव है . परिचर्चा में बात को आगे बढ़ाते हुए भारती त्यागी ने कहा कि स्कूल कॉलेज के बिना घरों में पढ़ाई का माहौल संभव नहीं है . कोरोना काल में लंबे समय से बच्चों के घरों में रहने से उनका जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है . बच्चों की दिनचर्या प्रभावित होने से उनके स्वास्थ्य पर भी उसका प्रतिकूल असर हुआ है . उनके पढ़ने की ललक खत्म होती जा रही है . बच्चों को स्कूल कॉलेज जाने से रोक दिया गया हैं जिसके चलते वे इधर-उधर भटक रहे हैं . ऑनलाइन पढ़ाई से छात्र छात्राएं खुश नहीं हैं . जिस तरह की ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है उससे बच्चों का स्वाभाविक विकास रुक गया है . बच्चों की दिमागी हालत रोबोट की तरह बनाई जा रही है . मानवीय संवेदनाएं खत्म हो रही है . यह बात काफी खतरनाक है . कोरोना संक्रमण काल में आमतौर पर छात्र छात्राएं स्कूल कॉलेज की फीस देने की स्थिति में नहीं है जिसका खर्च शासन को उठाना चाहिए . सरस्वती दुबे ने कहा कि स्कूल कॉलेज बंद हो जाने से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र छात्राओं पर बहुत बुरा असर हुआ है . गांव में अध्ययन अध्यापन पूरी तरह बंद है .पढ़ाई का कोई वातावरण नहीं बन पा रहा है . कोरोना काल में स्कूल कॉलेज बंद होने से आवारागर्दी बढ़ी है . बच्चों के लिए खाली दिमाग शैतान का घर वाली कहावत चरितार्थ हो रही है . उनके बीच में नशाखोरी की प्रवृत्ति भी तेजी से बढ़ती जा रही है . ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर बच्चों के हाथ में मोबाइल काफी घातक बन रहा है . अधिकांश बच्चे पढ़ाई की जगह गलत संदेशों के शिकार हो रहे हैं . कोरोना काल में बड़े पैमाने पर बच्चों को अपने पेट भरने के लिए बाल श्रम करना पड़ रहा है . मयोरी माइबम ने कहा कि आमतौर पर कमजोर वर्ग के बच्चे वैसे भी नहीं पढ़ पा रहे थे लेकिन कोरोना काल में उनके भविष्य को पूरी तरह अंधेरे में धकेल दिया है . ऑनलाइन पढ़ाई गरीब तबके के साथ क्रूर मजाक है . गरीब तबके के अधिकांश बच्चे आठवीं के आगे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं . सरकार का सर्व शिक्षा अभियान महज दिखावा बन गया है स्कूल में नाम दर्ज करने से बच्चे की पढ़ाई नहीं होती है . सुशीला मिश्रा ने बताया कि बहुत से बच्चे पढ़ना चाहते हैं लेकिन उन्हें माहौल नहीं मिल पा रहा है . गरीबी इतनी अधिक है कि मां-बाप पेट की चिंता में रोजगार के लिए भटकते रहते हैं और ऐसी स्थिति में बच्चों को आगे पढ़ाना उनके लिए संभव नहीं है . सरकार से ऐसी कोई मदद नहीं मिलती कि बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रह सके . कोरोना काल में स्थिति और खराब हो गई है . सुधा त्रिपाठी ने कहा कि कोरोना काल में काम धंधे छूट जाने से शहरों में काम कर रहे गांव के लोग फिर गांव में चले आए हैं , जहां उनके लिए कोई काम नहीं है . ग्रामीण बेरोजगारी चरम स्थिति में पहुंच गई है . खेती घाटे का धंधा है जिसके चलते किसानों की स्थिति भी बहुत खराब है . गरीबों को दी जाने वाली सहायता राशि ऊंट के मुंह में जीरा जैसी है . सरकार तीसरी लहर के नाम पर जिस तरह का भय का वातावरण बना रही है , उससे बच्चों की पढ़ाई चौपट हो गई है . लहर कहां है , अभी किसी को पता नहीं है , फिर भी उसका प्रचार बहुत तेजी से हो रहा है . बच्चों को इधर उधर जाने में रोक नहीं है केवल स्कूल कॉलेज बंद कर दिए गए हैं . कुछ समझ में नहीं आता कि सरकार की नीति और इरादा क्या है . कॉलेज की छात्रा प्रतिभा कुमारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या हमेशा बनी रहती है जिसके चलते गांव में रहने वाले अधिकांश छात्र छात्राएं ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं .पढ़ाई के लिए लगातार मोबाइल के इस्तेमाल से बच्चों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर देखने को मिल रहा है . मोबाइल पर आने वाले गलत संदेशों का भी दुष्प्रभाव बच्चों पर पड़ रहा है . बीच-बीच में संपर्क टूटने से शिक्षकों को भी बच्चों को पढ़ाने में परेशानी हो रही है . स्कूली छात्रा खुशी मिश्रा एवं लक्ष्मी पटेल ने कहा कि अधिकांश छात्र-छात्राओं ने क्या समझा नहीं समझा इसका आकलन ऑनलाइन पढ़ाई के माध्यम से शिक्षक नहीं कर पा रहे हैं . स्कूलों में प्रवेश शुल्क के साथ ट्यूशन फीस भी ली जा रही है . जबकि सरकार को इसका खर्च वहन करना चाहिए . तीसरी लहर के नाम पर स्कूल कॉलेज बंद कर दिए गए लेकिन वहीं बाकी सभी काम हो रहे हैं . बच्चों को दूसरी जगह जाने में मना नहीं है लेकिन कोरोना के नाम पर स्कूल कॉलेज बंद कर दिए गए हैं . समाजवादी जन परिषद के नेता अजय खरे ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं को लेकर सरकार बच्चों की विशेष तैयारी करवाए . कोरोना प्रोटोकॉल के अंतर्गत स्कूलों कॉलेजों छात्र-छात्राओं के बैठने की समुचित व्यवस्था बनाई जाए . जिस तरह बहुत सारे प्रशासनिक औद्योगिक और विकास के काम हो रहे हैं उसी तर्ज पर अध्ययन अध्यापन का कार्य भी शुरू किया जाना चाहिए . यात्री ट्रेन सेवाएं जारी हैं , बाजार माल खोल दिए गए हैं जहां बच्चे भी जा रहे हैं तो कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कराते हुए आगामी जुलाई माह से स्कूल कॉलेज क्यों नहीं खोले जा सकते ? यह भारी विडंबना है कि स्कूल कॉलेजों में चुनावी रैलियों की तरह भीड़ का सवाल नहीं फिर भी वहां तालाबंदी है .सरकार के द्वारा कोरोना टेस्टिंग एवं वैक्सीनेशन कार्यक्रम को जारी रखते हुए कोरोना प्रोटोकॉल के अंतर्गत स्कूल कॉलेज खोलकर छात्र-छात्राओं की अवरुद्ध पढ़ाई को फिर से जारी रखने की दिशा में ठोस पहल करना चाहिए .

गुरुवार, 8 जुलाई 2021

मंदिरोंथाना अतरैला की कार्य वाही  मंदिरों मे घंटा चोरी करने वाले गिरोह का किया गया पर्दाफाश।

मंदिरोंथाना अतरैला की कार्य वाही मंदिरों मे घंटा चोरी करने वाले गिरोह का किया गया पर्दाफाश।

थाना अतरैला की कार्य वाही मंदिरोंथाना अतरैला की कार्य वाही मंदिरों मे घंटा चोरी करने वाले गिरोह का किया गया पर्दाफाश। ग्राम पटेहरा. रौली. पैपखरा.अतरैला पहाड़ मंदिर मे लगे घंटा अलग अलग तारीख को चोरी किए गए थे। फरियादी राज द्विवेदी ग्राम पटेहरा की रिपोर्ट पर अप.क्र. 92/21धारा 379 ipcका अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना तलाश की गई। तथा आरोपी शचिन मिश्रा एवं संदीप मिश्रा ग्राम कोनी से पूछताछ की गई जो जुर्म कबूल किए तथा चोरी का कुछ सामान अपने अपने पास रखना एवं कुछ सामान कवाडी भगवान दास गुप्ता निवासी पटेहरा को बेचना बताये। आरोपियों से चारो घंटा बरामद कर लिया गया है।कार्य वाही जारी है मे घंटा चोरी करने वाले गिरोह का किया गया पर्दाफाश। ग्राम पटेहरा. रौली. पैपखरा.अतरैला पहाड़ मंदिर मे लगे घंटा अलग अलग तारीख को चोरी किए गए थे। फरियादी राज द्विवेदी ग्राम पटेहरा की रिपोर्ट पर अप.क्र. 92/21धारा 379 ipcका अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना तलाश की गई। तथा आरोपी शचिन मिश्रा एवं संदीप मिश्रा ग्राम कोनी से पूछताछ की गई जो जुर्म कबूल किए तथा चोरी का कुछ सामान अपने अपने पास रखना एवं कुछ सामान कवाडी भगवान दास गुप्ता निवासी पटेहरा को बेचना बताये। आरोपियों से चारो घंटा बरामद कर लिया गया है।कार्य वाही जारी है

सोमवार, 3 मई 2021

लाक डाउन से नहीं लगता महंगाई से डर लगता है । खबर संग्राम न्यूज चैनल रीवा

लाक डाउन से नहीं लगता महंगाई से डर लगता है । खबर संग्राम न्यूज चैनल रीवा



खबर संग्राम न्यूज चैनल रीवा 



🔥खबर संग्राम न्यूज चैनल 🔥

लाक डाउन से नहीं लगता महंगाई से डर लगता है साहब, मनिकवार अनिल गुप्ता, कोरोना वायरस से आज पूरा देश परेशान हैं वहीं इससे बचने के लिए लगने वाले लाक डाउन से अब गरीब, व्यापारी, मध्यमवर्गीय परिवारों में भारी डर पैदा हो गया है, कहां भी अब बार बार लगने वाले लाक डाउन से नहीं डरते अगर डरते हैं तो बेतहाशा महंगाई मनमानी यात्रा किराया, भाड़ा, व पुलिस के कमाई का एक बढ़िया जरिया भी बन गया है जहां आने जाने वालों को परेशान किया जा रहा है वहीं बेवजह चलानी कारवाई करने से पीछे नहीं हैं, इस चलानी कारवाई से सरकार अब बेतन की भी जुगाड में है, उन ब्यापारियों को इस समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिनका निवास पर ही दुकान है बाहर निकलो तो दुकान खुली और चलान अंदर रहोगे तो लोग पूछते हैं कि भाई है कि नहीं, ऐसे में आखिर घर दुकानदार कहां जाएं, लाक डाउन से शादियां भी हुई और रद् भी बच्चों में कोरोना का डर पढ़ाई खत्म अब तो निजी स्कूलों के शिक्षकों को बेरोजगारी का ऐसा माहौल निर्मित हो गया है कि इधर उधर पकौड़े लगाने की तलाश भी कर लिया तो लाक डाउन का पीछा वहां भी नहीं छूटा, ऐसे में अगर परेशानी से निजात मिला है तो सरकारी अधिकारी कर्मचारी को जहां काम अधूरा वेतन पूरा, लोगों ने कहा भी ये सरकारी दामाद है इन्हें कोई भी कहीं दिक्कत नहीं होगी और कोरोना से मौत होती है तो पुनः परिवार को नौकरी और मुआवजा भी जबकि इस महगाई से परेशान छोटा ब्यापारी अब भिखारी सा नजर आता है और महंगाई मनमानी है, अगर इसी तरह लाक डाउन होता रहा तो सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते वाला अब जिंदगी और मौत के बीच भटकता नजर आ रहा है अब कोरोना वायरस से होने वाली मौतें यहां कम होगी परेशानी समस्याओं, भूखे प्यासे रहकर ही होंगी, और पुलिस ब्यापारियों में भी संबंध काफी ख़राब हो रहे हैं जो एक अलग से ही समस्या दिखाई दे रहा है गांवों से मदद करने वाले समाजसेवी भी पलायन कर गए हैं फोटो..।

शनिवार, 27 मार्च 2021

कलेक्टर महोदय से  विनम्र निवेदन है कि हमारी प्रार्थना स्वीकार करें।khabar sangram news rewa.

कलेक्टर महोदय से विनम्र निवेदन है कि हमारी प्रार्थना स्वीकार करें।khabar sangram news rewa.

Rewa  कलेक्टर महोदय = गली-चौराहों में सरे आम धूनी रमाने वाले गजेड़ी प्रशासन को नजर क्यों नही आते? प्रशासन द्वारा पोषित शराब क्या नशें की श्रेणी में नहीं आती? मान्यवर वैध और अवैध नशे की श्रेणी पर विस्तार से प्रकाश डालने की कृपा कीजिए, प्लीज//😊आपका प्रयास सराहनीय है परन्तु नेताओं की तरह के भाषणों से कुछ होने वाला नहीं।जिस दिन  रीवा जिला का नशा नाश होगा उस दिन का मुझे बेसब्री से इंतजार है।अधिकांश अवैध कार्यों की जानकारी आपकी प्यारी पुलिस और राजस्व को रहती है।नाक के नीचे ही परिवहन की अवैध वसूली और अपराधियों को संरक्षण आपकी पुलिस ही तो देती है।एम पी से बाहर यू पी में जाइये गंगा स्नान को,हर चौराहे में पुलिस हर वक्त तैनात रहती है और आपकी पुलिस चौराहों से नदारद और वसूली केंद्रों में हर समय उपलब्ध रहती है।आपके साथ ही पूरी जनता को पुलिस की कार्यप्रणाली का पता है।सभी लोग बस रामभरोसे जिंदा हैं।सफाई व्यवस्था को ही ले लीजिए,रीवा जैसा वायु-धूल प्रदूषण पूरी दुनिया में नही है।रोड का कार्य इतना धीमा है कि धूल खाते-खाते पुश्त बीत जाती है और एक फ्लाईओवर के निर्माण में पूरी सदी गुजर जाती है। क्या मैं सराहना करूं आपके प्रशासन की?राजस्व में आ जाइये तो एक पटवारी इतना कमाता है कि उसे अपने तृतीय श्रेणी के कर्मचारी होने का रत्ती भर गम नही होता।आलीशान कोठी और असीम अवैध दौलत के ढेर में बैठा ये पटवारी नामक जंतु अपने आपको विभाग प्रमुख यानी आप से भी ऊपर अपने को मानकर चलता है।कोई भी ऐसा सक्रिय विभाग  आपके पास नहीं है जो इन राजस्व कर्मचारियों पटवारी,आर आई,तहसीलदारों की आय से अधिक संपत्ति का आंकलन कर सके।राम राज्य की कोरी परिकल्पना नही वरन राम राज्य की दिशा में बढ़ने का साहस पैदा कीजिये,महोदय।एक सामान्य आदमी दिन भर की दिहाड़ी करके भविष्य के सपने नहीं देख सकता और उस पर भी आपकी सरकारी मशीनरी शोषण करती रहती है।आपकी पुलिस लोगों का अपमान करती है ,कोई भी सीधा,सच्चा इंसान रिपोर्ट लिखवाने थाने जाने से घबराता है।आपके ये लठैत कब किस पर अकारण टूट पड़ें ,सबको भय रहता है।इस आधार पर हम भयमुक्त समाज की परिकल्पना कैसे कर सकते हैं?जरा ज्ञान दीजियेगा, प्लीज।

शुक्रवार, 26 मार्च 2021

रीवा जिलेमें आए दिन भारी भारी दुर्घटना में सैकड़ों लोग रोजाना मर रहे हैं सरकार किसी तरह से ध्यान दे रही है ..

रीवा जिलेमें आए दिन भारी भारी दुर्घटना में सैकड़ों लोग रोजाना मर रहे हैं सरकार किसी तरह से ध्यान दे रही है ..

REWA- रीवा जिले की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था चरमराई हुई है रोड में आए दिन भारी भारी दुर्घटना में सैकड़ों लोग रोजाना मर रहे हैं गांव के हाल ग्रामीण जनों को ना तो किसी तरह के ग्राम पंचायतों से किसी तरह के फायदे दिलाया जा रहे हैं और ना ही सरकार किसी तरह से ध्यान दे रही है हर पंचायतों में पानी के हैंडपंपों पंप हाउसों में प्राइवेट लोगों के कब्जे हैं और उन शासकीय हैंडपंपों मोटरों को प्राइवेट दबंग लोग अपने अपने घर में 5 स्टार्टर रखकर अपने इस्तेमाल में ले रहे हैं हर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्थाएं भी उसी तरह चरमराई हुई है ना तो कभी अस्पताल खुलती है ना ही डॉक्टर या कोई चपरासी अपनी ड्यूटी में पहुंचते हैं यदि कभी कहार महीने भर में 1 का 2 दिन कहीं पहुंचते भी हैं रजिस्टर में हाजिरी लगा कर चले जाते हैं यदि देखा जाए तो वहां अस्पतालों की बिल्डिंगों में अंदर जितनी भी दवाइयां रहती है ना जाने कहां गायब हो जाती हैं यदि कभी डॉक्टरों से मुलाकात किसी की हो जाए तो उसको बता दिया जाता है कि यहां तो किसी तरह की दवाइयां ही उपलब्ध नहीं कराई जाती और ना ही स्वास्थ्य महकमा कभी कोई ध्यान ही देता है वैसे तो देखा जाए तो भ्रष्टाचार कभी भी लगाम नहीं लगाया जा सकता लेकिन यदि किसी तरह से भी छोटी मोटी बातों पर भी ध्यान देकर शिकायतों को ध्यान देकर उनकी जांच पड़ताल कराई जाए या किसी की शिकायत होने पर उसकी बातों को माना जा समझा जाए तो कर्मचारियों में भय बन सकता है थोड़ी बहुत व्यवस्थाएं शुद्रढ हो सकती है नहीं तो ऐसे तो ना ही भ्रष्टाचार रुक पाएगा और ना ही कोई जन सुविधाएं किसी भी व्यक्ति को चाहे वह गामों में रहने वाला हो या शहर में किसी को प्राप्त नहीं कराई जा सकती सरकार के सभी जन सुविधाओं को कागजों में रिकॉर्ड तैयार किए जाते हैं उसके बाद सूचनाएं लोगों के बीच में पहुंचा दी जाती है कि इस तरह की सुविधाएं आप सभी को प्राप्त होगी लेकिन वह मात्र दिखावे एवं कहने मात्र के लिए सुविधाएं होती हैं नीचे स्तर पर कभी भी किसी तरह से भी देखा जाए तो यदि सौ व्यक्तियों में एक व्यक्ति को भी किसी तरह की सुविधाएं प्राप्त नहीं हो पाती झूठ पर पूरे शासन प्रशासन एवं राजनीति में बैठे ऊंचे पदों पर मंत्री विधायक तक झूठे वादों और झूठे कार्यों में टिके होते हैं जनता करे तो करे क्या जहां शिकायत करनी है वहीं से भ्रष्टाचार शुरू होता है ना तो जनता की कोई बात सुनने वाला और ना उसकी बात समझने वाला चाहे भोली-भाली जनता कहीं भी शिकायत करते घूमती रहे या इधर-उधर सर पटकती रहेअंत में उसे एक ही रास्ता मिलता है आत्महत्या का जो बड़े ही आसानी से लोग यह रास्ता चुन लेते हैं क्या करें उनकी भी मजबूरी है कैसे चलाएं अपना घर परिवार घर परिवार जिसको चलाना होता है अगर उसके पास कोई शासकीय नौकरीया कोई प्राइवेट व्यापार या प्राइवेट नौकरी ही ना हो वह बेचारा बेरोजगार घूमता हो तो उसका घर परिवार कैसे चल सकता है रही किसी तरह परिवार चलाते रहने की तो यदि किसी से सहयोग ले लेकर वह अपने बाल बच्चों का गुजारा भी करें पेट भी पाले लेकिन उस तरह से भी ना तो किसी ग्राम पंचायतों में किसी को कुछ भी सहयोग नहीं प्राप्त होता और ना ही सरकारों के द्वारा किसी तरह का सहयोग वैसे तो माना जाए तो जिला कलेक्टर जिला दंडाधिकारी अपने जिले का मुखिया होता है वह चाहे तो जनता को नेताओं के चक्कर न लगवा कर खुद सक्षम अधिकारी होता है कि सभी ग्रामीण जनों की बातों को बीच-बीच ग्रामीण चौपाल बनाकर सुने उनकी दिक्कतों को सुनें एवं थोड़ा बहुत तो सहयोग कर सकता है और यदि जिला दंडाधिकारी चाहे तो पूरी की पूरी जिले की व्यवस्थाएं शुद्रढ और मजबूत हो सकती है सभी की दिक्कतें दूर हो सकती है परंतु ऐसा कहीं भी किसी जिले में नहीं देखा जाता क्योंकि हर जिले का मुखिया हर उन बड़े नेताओं के गुलाम होते हैं जो कि उनको बंधन में डाले होते हैं उन्हीं के इशारे पर चलना होता है वैसे तो जिला दंडाधिकारी एक सक्षम अधिकारी एवं अपने जिले का मुखिया होता है वह किसी के दबाव में या अंदर में कार्य करने वाला नहीं होता है लेकिन समय बदल चुका है लोगों को अपनी नौकरी बचानी है और सत्य का साथ देने वालों का ना जाने क्या हाल होता है हर एक व्यक्ति जानता है इसलिए लोगों को झूठा सहारा लेकर वाहवाही लूटने के लिए अपनी नौकरी बचाने के लिए बड़े उद्योगपतियों और नेताओं के चंगुल में फंसे रहना पड़ता उनकी हाजिरी चाकरी लगानी पड़ती है अगर यही हाल रहा तो बहुत दूर नहीं हो दिन जबकि अग्रेज जब भारत में कब्जा किए हुए थे लेकिन अब तो काले अंग्रेज भारत के ही भारत में कब्जा कर उद्योगपति लोग गरीबों को मरने पर मजबूर करते रहेंगे। अगर आप अपने हित की बात को बहुत दूर तक सोचे समझे तो मेरे द्वारा लिखी गई बातों को समझने की कोशिश करेंएवं किसी भी चुनाव में वोट देने के लिए लाइन में लगने अपना समय बर्बाद करने के समय यह सब कुछ सोचे कि हम क्या कर रहे हैं इनको 55 दास 10 वर्ष के लिए अधिकार दिला देते हैं यह अधिकार लेकर अपने हितों के लिए दौड़ना चालू कर देते हैं और आप सब फिर वही मेहनत मजदूरी में उसी तरह परेशानियों में जुटे रहते हैं अगर वोट से इन्हें बड़े पद पर ही बैठ आना है तो बहुत कुछ सोच कर ही वोट दें अन्यथा हर एक चुनाव में वोट का बहिष्कार करें क्योंकि ना तो यह राजनेता आपके किसी काम आते हैं और ना ही ऊंचे पदों पर बैठे आला अधिकारी आपको तो बस वही जिंदगी भर उसी तरह मेहनत मजदूरी करनी होती है नियमों के पीछे पीछे दौड़ना होता है और जिंदगी बितानी होती है अगर देखा जाए तो ना तो आप को वोट देने के बाद किसी तरह की सुविधाएं प्राप्त होती हैं और ना ही कुछ आपके परिवार को जो भी कुछ मिलता है तो उन्हें ऊंचे पदों पर जिनको आप के वोटरों द्वारा बैठाया जाता है उनके घर परिवार नाथ रिश्तेदारों को हर तरह की सुख सुविधाएं प्राप्त होती हैं और हर तरह से नौकरी चाकरी पैसा रूपया सुख सुविधाएं प्राप्त कराई जाती है और आप सब इनके बंधन में हमेशा बने रहते हैं इन सभी आपके द्वारा ऊंचे पदों पर बैठाए गए नेताओं की तनख्वाह हर तरह से इनको बिजली पानी में छूट ऐसी गाड़ियों में घूमने की सुविधाएं उसी तरह हर कर्मचारी को एक-एक लाख डेढ़ डेढ़ लाख हर महीने तनख्वाह ऊपरी कमाई का जरिया घोष जिसके द्वारा यह अपने जीवन और घर परिवार को एस कर आते हैं लेकिन आपको क्या मिलता है कम से कम अपने अपने घर परिवार वालों के लिए कभी तो सोचिए नहीं तो सबसे अच्छा समय वही था अंग्रेजों का कम से कम मेहनत मजदूरी करते थे और उनकी गुलामी करते थे तो दो वक्त की रोटी ही नसीब हो जाती थी अन्यथा यह बड़े ऊंचे पदों पर बैठे लोग एवं जनता द्वारा चुनकर गए पड़े पदों पर नेताओं के चंगुल में फंसे रहेंगे तो आने वाले समय में आपके बच्चे भूखे मरेंगे एवं आत्महत्या करते रहेंगे इस लिखे हुए बातों पर गौर करें इसे ध्यान से पढ़ें एवं सत्यता क्या है अपने हिसाब से लिख भेजे संपर्क सूत्र 8982 8798 55 व्हाट्सएप नंबर WhatsApp chat here 

रविवार, 14 मार्च 2021

आयुक्त  लोक शिक्षण भोपाल के तुगलकी फरमान के विरोध में अध्यापको ने मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन एस डी एम हुजूर को सौंपा

आयुक्त लोक शिक्षण भोपाल के तुगलकी फरमान के विरोध में अध्यापको ने मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन एस डी एम हुजूर को सौंपा

 आयुक्त  लोक शिक्षण भोपाल के तुगलकी फरमान के विरोध में अध्यापको ने मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन एस डी एम हुजूर को सौंपा ।

                            



रीवाआयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल जय श्री कियावत के अध्यापक संवर्ग की क्रमोन्नति स्थगित रखने और क्रमोन्नति प्रक्रिया को रोकने वी सी में दिए गए निर्देश के विरोध  आजाद अध्यापक संघ की प्रांताध्यक्ष श्रीमती शिल्पी सिवान के निर्देश पर प्रदेश सहित रीवा जिले में में ज्ञापन सौंपा गया  संघ के जिलाध्यक्ष अनिल शुक्ला ने बताया कि 1 जुलाई 18 से  राज्य स्कूल शिक्षा सेवा में नियुक्त होने की प्रक्रिया के दौरान प्रदेश के अध्यापक संवर्ग को अपनी पूर्व की सेवा अवधि के मान्य होने अथवा न होने की आशंका थी। जिस पर आयुक्त लोक शिक्षण द्वारा प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से आश्वस्त किया गया था कि पदोन्नति/क्रमोन्नति और वरिष्ठता संधारण में पूर्व के सेवा अवधि का पूर्ण लाभ मिलेगा।

2- राज्य स्कूल शिक्षा सेवा की जारी सेवा शर्तों में बिंदु क्रमांक 2.15 में कहा गया कि पूर्व की 10 वर्ष की सेवा को पदोन्नति/क्रमोन्नति में गणना में लिया जाएगा और इसी आदेश के बिंदु 3.2 में पूर्ण वर्षों को गणना में शामिल करते हुए क्रमोन्नति का उदाहरण भी दिया गया।

3- बिंदु क्रमांक 3.2 का पालन करते हुए अनेक जिलों ने पहले 12 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षकों की प्रथम क्रमोन्नति के आदेश जारी कर दिए फिर भी आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने  निर्देशों का हवाला देकर क्रमोन्नति की प्रक्रिया को तुगलकी फरमान जारी कर निरस्त कर दिया। 

        अतः माननीय मुख्यमंत्री जी से विनम्र आग्रह है उक्त मामले में तत्काल कार्यवाही करते हुए क्रमोन्नति / पदोन्नति तथा अन्य मामलों में नियुक्ति दिनाँक से वरिष्ठता हेतु  पूर्व की समस्त सेवा अवधि की गणना संबंधी पत्र जारी कराने की कृपा करें  ताकि अध्यापक संवर्ग के प्रति आयुक्त द्वारा किये गए दोयम दर्जे के व्यवहार   पर विराम लग सके। अध्यापक संवर्ग की क्रमोन्नति प्रक्रिया रीवा जिले में भी रुकी है तथा प्रदेश के जिन जिलों में क्रमोन्नति हो चुकी थी उनके आदेश स्थगित रखने हेतु आयुक्त लोक शिक्षण  भोपाल निर्देश दिए है जो अध्यापक संवर्ग के साथ घोर अन्याय है  एवम मुख्यमंत्री की मंशा के विपरीत है अगर आयुक्त द्वारा जारी तुगलकी फरमान शीघ्र निरस्त नही किया जाता तो शीघ्र ही पूरे प्रदेश में आदेश के विरोध में धरना प्रदर्शन चालू होगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी

आज के ज्ञापन में प्रांतीय महासचिव राजीव तिवारी प्रांतीय सचिव पुनीत दीक्षित  सम्भागीय अध्यक्ष राजेश मिश्रा जिला प्रमुख  श्रीमती शीतल पाठक ,  डा शोभा शर्मा निरंजन कुमार द्विवेदी सत्येंद्र तिवारी  दिलीप तिवारी देवेंद्र सोनी अरुण तिवारी कमल कांत परिहार सुभाष चतुर्वेदी  दिनेश कुमार आदिवासी दीपक मिश्रा गोविंदलाल सिंह  दिवाकर शुक्ला किरण पांडे कमलेश द्विवेदी तरुण तिवारी  चंद्रवंशीजी राजू तिवारी  अनिल शर्मा दीपक पांडे  वीरेंद्र बिरहा राकेश कुमार सोनी हनुमना राकेश तिवारी रंगनाथ मिश्र रमाकांत मिश्रा देवेंद्र कुमार तिवारी अनिल मिश्रा  उपेंद्रमणि द्विवेदी  चंद्रमौलि त्रिवेदी रजनीश कुमार पटेल प्रभाकर सिंह सतीश सोनी बिलाल अहमद,  राम गोपाल सिंह विजय कृष्ण पांडेय डॉ यूके तिवारी इंद्रशरणधर द्विवेदी डॉ शोभा शर्मा सविता तिवारी अर्चना मिश्रा प्रतीक्षा चतुर्वेदी आरके गौतम सुभाष कुमार पांडे सुनीत कुमार पटेल कुश कुमार वर्मा धर्मेश कुमार पटेल अनिल कुमार पटेल

अनीता सिंह  अनिल तिवारी सुरेंद्र पांडे  ज्ञानेंद्र उपाध्याय राकेश द्विवेदी अजय अवस्थी, महेंद्र सिंह  रमाशंकर विश्वकर्मा, निजाम हुसैन सिद्दीकी, शशांत शुकला धीरेन्द्र दववेदी श्रीमती आशा चौरसिया नरेंद्र चौरसिया सहित कई अध्यापक  उपस्थित रहे।।

 विशेष  आजाद अध्यापक संघ के ज्ञापन कार्यक्रम में समर्थन म प्र  राज्य कर्मचारी  संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष  डॉ कृष्णराज सिंह जी, रामओपीएस के जिलाध्यक्ष श्री शिवानंद तिवारी, प्रांतीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेश्वर शर्मा जी का रहा l


बुधवार, 3 मार्च 2021

भारतीय महिला क्रिकेट टीम में विंध्य की बेटी का चयन

भारतीय महिला क्रिकेट टीम में विंध्य की बेटी का चयन


 

भारतीय महिला क्रिकेट टीम में विंध्य की बेटी  का चयन



दिनांक 03 मार्च 2021



सिंगरौलीभारतीय महिला टीम और दक्षिण अफीका के बीच होने वाले टी 20 सीरीज के लिये सिंगरौली जिले की बेटी नुजहत परवीन का चयन एक बार पुनः भारतीय महिला टीम में किया गया है। 
अखिल भारतीय महिला चयन समिति ने दक्षिण अफीका के साथ होने वाली टी-20 सीरीज के लिये भारतीय महिला टीम का ऐलान कर दिया गया है। जिसमें विंध्य की बेटी नुजहत परवीन को विकेट के तौर पर जगह मिली है। हालांकि वन डे में नुजहत को जगह नहीं मिली है। इससे पूर्व भी नुजहत राष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीम की तरफ से कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मैच खेल चुकी हैं। इसी तरह वन डे टीम में हिमाचल प्रदेश की सुषमा वर्मा और उत्तर प्रदेश की श्वेता वर्मा भी जगह मिली है। जबकि टी 20 टीम में विकेट कीपर नुजहत परवीन नया चेहरा हैं। 
जानकारी अनुसार मिताली राज को वन डे टीम का और हरमनप्रीत कौर को टी-20 टीम का कप्तान बनाया गया है। टी-20 क्रिकेट का मुकाबला 24 मार्च से शुरू होने जा रहा है। सीरीज के तहत 5 वन डे और 3 टी-20 मुकाबले खेजे जाने हैं। सीरीज के सभी 8 मैच लखनऊ में स्थित भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी स्टेडियम में खेले जायेंगे। 



मंगलवार, 2 मार्च 2021

सवारी ऑटो वालों की हिम्मत इतनी बढ़ गई है कि सवारियों का सामान धमकी देकर हाथ से छीन कर अपने साथ ले गया।

सवारी ऑटो वालों की हिम्मत इतनी बढ़ गई है कि सवारियों का सामान धमकी देकर हाथ से छीन कर अपने साथ ले गया।

लगभग दोपहर के 12:00 बजे  जय स्तंभ से सिरमौर चौराहा के बीच की रास्ते की घटना है ,जिसमें 1 ऑटो ड्राइवर ने जयस्तंभ सेसिरमौर 

चौराहा तक कहा

 फिर उसने अधूरे रास्ते में ही सवारी उतार दी ।

जिससे एक महिला सवारी गुस्से में आ गई और जिस प्रकार ऑटो ड्राइवर ने अधूरा स्थान तक पहुंचाया उसी प्रकार उसने किराया भी आधा ही दिया जिससे ड्राइवर ने जवाब दिया की किराया पूरा दो नहीं तो मैं तुम्हारा सामान नहीं दूंगा और वह सामान लेकर भाग गया।
*अर्थात कहने से तात्पर्य यह है कि आटो चालक की हिम्मत इतनी बढ़ गई है की मनमाने तरीके से किराया मांगते हैं और सवारी के द्वारा किराया ना दिए जाने पर उनका सामान उनसे छीन कर भाग जाते हैं और धमकी देते हैं क्या कर लोगे मेरा?

संवाददाता-शिवम साकेत

बुधवार, 24 फ़रवरी 2021

छुहिया घाटी के चार सबसे खतरनाक मोड़ों पर सड़क सुधार का कार्य शुरू, 23 से 6 मार्च तक भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित है

छुहिया घाटी के चार सबसे खतरनाक मोड़ों पर सड़क सुधार का कार्य शुरू, 23 से 6 मार्च तक भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित है

 

खबर संग्राम न्यूज रीवा 




सीधी/रीवा।

रीवा-शहडोल मार्ग पर रीवा तथा सीधी जिले की सीमाओं में स्थित छुहिया घाटी (Chhuhiya Ghati) में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) द्वारा सुधार का कार्य शुरू कर दिया गया है। घाटी के चार खतरनाक मोड़ों पर एक साथ सड़क सुधार का कार्य किया जा रहा है। घाटी के कई कठिन मोड़ों में सड़क उखड़ गई है। मोड़ों में बड़े-बड़े गड्ढे तथा धूल है जिसके कारण वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया है। इन मोड़ों में सड़क को समतल करके तथा धूल हटाकर सुधार का कार्य किया जा रहा है।

रीवा तथा सीधी जिले के पुलिस विभाग के अधिकारी सड़क में सुधार कार्य की लगातार निगरानी कर रहे हैं। कलेक्टर सीधी रवीन्द्र कुमार चौधरी तथा पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत ने मौके पर पहुंचकर सड़क सुधार कार्य का जायजा लिया ।कलेक्टर ने सड़क विकास निगम के अधिकारियों को सड़क सुधार के संबंध में निर्देश दिये। कलेक्टर सीधी तथा कलेक्टर रीवा द्वारा छुहिया घाटी में 23 फरवरी से 6 मार्च तक भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाया गया है। जिससे घाटी के सुधार का कार्य सुचारू रूप से किया जा सके।