शनिवार, 27 मार्च 2021

कलेक्टर महोदय से  विनम्र निवेदन है कि हमारी प्रार्थना स्वीकार करें।khabar sangram news rewa.

कलेक्टर महोदय से विनम्र निवेदन है कि हमारी प्रार्थना स्वीकार करें।khabar sangram news rewa.

Rewa  कलेक्टर महोदय = गली-चौराहों में सरे आम धूनी रमाने वाले गजेड़ी प्रशासन को नजर क्यों नही आते? प्रशासन द्वारा पोषित शराब क्या नशें की श्रेणी में नहीं आती? मान्यवर वैध और अवैध नशे की श्रेणी पर विस्तार से प्रकाश डालने की कृपा कीजिए, प्लीज//😊आपका प्रयास सराहनीय है परन्तु नेताओं की तरह के भाषणों से कुछ होने वाला नहीं।जिस दिन  रीवा जिला का नशा नाश होगा उस दिन का मुझे बेसब्री से इंतजार है।अधिकांश अवैध कार्यों की जानकारी आपकी प्यारी पुलिस और राजस्व को रहती है।नाक के नीचे ही परिवहन की अवैध वसूली और अपराधियों को संरक्षण आपकी पुलिस ही तो देती है।एम पी से बाहर यू पी में जाइये गंगा स्नान को,हर चौराहे में पुलिस हर वक्त तैनात रहती है और आपकी पुलिस चौराहों से नदारद और वसूली केंद्रों में हर समय उपलब्ध रहती है।आपके साथ ही पूरी जनता को पुलिस की कार्यप्रणाली का पता है।सभी लोग बस रामभरोसे जिंदा हैं।सफाई व्यवस्था को ही ले लीजिए,रीवा जैसा वायु-धूल प्रदूषण पूरी दुनिया में नही है।रोड का कार्य इतना धीमा है कि धूल खाते-खाते पुश्त बीत जाती है और एक फ्लाईओवर के निर्माण में पूरी सदी गुजर जाती है। क्या मैं सराहना करूं आपके प्रशासन की?राजस्व में आ जाइये तो एक पटवारी इतना कमाता है कि उसे अपने तृतीय श्रेणी के कर्मचारी होने का रत्ती भर गम नही होता।आलीशान कोठी और असीम अवैध दौलत के ढेर में बैठा ये पटवारी नामक जंतु अपने आपको विभाग प्रमुख यानी आप से भी ऊपर अपने को मानकर चलता है।कोई भी ऐसा सक्रिय विभाग  आपके पास नहीं है जो इन राजस्व कर्मचारियों पटवारी,आर आई,तहसीलदारों की आय से अधिक संपत्ति का आंकलन कर सके।राम राज्य की कोरी परिकल्पना नही वरन राम राज्य की दिशा में बढ़ने का साहस पैदा कीजिये,महोदय।एक सामान्य आदमी दिन भर की दिहाड़ी करके भविष्य के सपने नहीं देख सकता और उस पर भी आपकी सरकारी मशीनरी शोषण करती रहती है।आपकी पुलिस लोगों का अपमान करती है ,कोई भी सीधा,सच्चा इंसान रिपोर्ट लिखवाने थाने जाने से घबराता है।आपके ये लठैत कब किस पर अकारण टूट पड़ें ,सबको भय रहता है।इस आधार पर हम भयमुक्त समाज की परिकल्पना कैसे कर सकते हैं?जरा ज्ञान दीजियेगा, प्लीज।

शुक्रवार, 26 मार्च 2021

रीवा जिलेमें आए दिन भारी भारी दुर्घटना में सैकड़ों लोग रोजाना मर रहे हैं सरकार किसी तरह से ध्यान दे रही है ..

रीवा जिलेमें आए दिन भारी भारी दुर्घटना में सैकड़ों लोग रोजाना मर रहे हैं सरकार किसी तरह से ध्यान दे रही है ..

REWA- रीवा जिले की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था चरमराई हुई है रोड में आए दिन भारी भारी दुर्घटना में सैकड़ों लोग रोजाना मर रहे हैं गांव के हाल ग्रामीण जनों को ना तो किसी तरह के ग्राम पंचायतों से किसी तरह के फायदे दिलाया जा रहे हैं और ना ही सरकार किसी तरह से ध्यान दे रही है हर पंचायतों में पानी के हैंडपंपों पंप हाउसों में प्राइवेट लोगों के कब्जे हैं और उन शासकीय हैंडपंपों मोटरों को प्राइवेट दबंग लोग अपने अपने घर में 5 स्टार्टर रखकर अपने इस्तेमाल में ले रहे हैं हर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्थाएं भी उसी तरह चरमराई हुई है ना तो कभी अस्पताल खुलती है ना ही डॉक्टर या कोई चपरासी अपनी ड्यूटी में पहुंचते हैं यदि कभी कहार महीने भर में 1 का 2 दिन कहीं पहुंचते भी हैं रजिस्टर में हाजिरी लगा कर चले जाते हैं यदि देखा जाए तो वहां अस्पतालों की बिल्डिंगों में अंदर जितनी भी दवाइयां रहती है ना जाने कहां गायब हो जाती हैं यदि कभी डॉक्टरों से मुलाकात किसी की हो जाए तो उसको बता दिया जाता है कि यहां तो किसी तरह की दवाइयां ही उपलब्ध नहीं कराई जाती और ना ही स्वास्थ्य महकमा कभी कोई ध्यान ही देता है वैसे तो देखा जाए तो भ्रष्टाचार कभी भी लगाम नहीं लगाया जा सकता लेकिन यदि किसी तरह से भी छोटी मोटी बातों पर भी ध्यान देकर शिकायतों को ध्यान देकर उनकी जांच पड़ताल कराई जाए या किसी की शिकायत होने पर उसकी बातों को माना जा समझा जाए तो कर्मचारियों में भय बन सकता है थोड़ी बहुत व्यवस्थाएं शुद्रढ हो सकती है नहीं तो ऐसे तो ना ही भ्रष्टाचार रुक पाएगा और ना ही कोई जन सुविधाएं किसी भी व्यक्ति को चाहे वह गामों में रहने वाला हो या शहर में किसी को प्राप्त नहीं कराई जा सकती सरकार के सभी जन सुविधाओं को कागजों में रिकॉर्ड तैयार किए जाते हैं उसके बाद सूचनाएं लोगों के बीच में पहुंचा दी जाती है कि इस तरह की सुविधाएं आप सभी को प्राप्त होगी लेकिन वह मात्र दिखावे एवं कहने मात्र के लिए सुविधाएं होती हैं नीचे स्तर पर कभी भी किसी तरह से भी देखा जाए तो यदि सौ व्यक्तियों में एक व्यक्ति को भी किसी तरह की सुविधाएं प्राप्त नहीं हो पाती झूठ पर पूरे शासन प्रशासन एवं राजनीति में बैठे ऊंचे पदों पर मंत्री विधायक तक झूठे वादों और झूठे कार्यों में टिके होते हैं जनता करे तो करे क्या जहां शिकायत करनी है वहीं से भ्रष्टाचार शुरू होता है ना तो जनता की कोई बात सुनने वाला और ना उसकी बात समझने वाला चाहे भोली-भाली जनता कहीं भी शिकायत करते घूमती रहे या इधर-उधर सर पटकती रहेअंत में उसे एक ही रास्ता मिलता है आत्महत्या का जो बड़े ही आसानी से लोग यह रास्ता चुन लेते हैं क्या करें उनकी भी मजबूरी है कैसे चलाएं अपना घर परिवार घर परिवार जिसको चलाना होता है अगर उसके पास कोई शासकीय नौकरीया कोई प्राइवेट व्यापार या प्राइवेट नौकरी ही ना हो वह बेचारा बेरोजगार घूमता हो तो उसका घर परिवार कैसे चल सकता है रही किसी तरह परिवार चलाते रहने की तो यदि किसी से सहयोग ले लेकर वह अपने बाल बच्चों का गुजारा भी करें पेट भी पाले लेकिन उस तरह से भी ना तो किसी ग्राम पंचायतों में किसी को कुछ भी सहयोग नहीं प्राप्त होता और ना ही सरकारों के द्वारा किसी तरह का सहयोग वैसे तो माना जाए तो जिला कलेक्टर जिला दंडाधिकारी अपने जिले का मुखिया होता है वह चाहे तो जनता को नेताओं के चक्कर न लगवा कर खुद सक्षम अधिकारी होता है कि सभी ग्रामीण जनों की बातों को बीच-बीच ग्रामीण चौपाल बनाकर सुने उनकी दिक्कतों को सुनें एवं थोड़ा बहुत तो सहयोग कर सकता है और यदि जिला दंडाधिकारी चाहे तो पूरी की पूरी जिले की व्यवस्थाएं शुद्रढ और मजबूत हो सकती है सभी की दिक्कतें दूर हो सकती है परंतु ऐसा कहीं भी किसी जिले में नहीं देखा जाता क्योंकि हर जिले का मुखिया हर उन बड़े नेताओं के गुलाम होते हैं जो कि उनको बंधन में डाले होते हैं उन्हीं के इशारे पर चलना होता है वैसे तो जिला दंडाधिकारी एक सक्षम अधिकारी एवं अपने जिले का मुखिया होता है वह किसी के दबाव में या अंदर में कार्य करने वाला नहीं होता है लेकिन समय बदल चुका है लोगों को अपनी नौकरी बचानी है और सत्य का साथ देने वालों का ना जाने क्या हाल होता है हर एक व्यक्ति जानता है इसलिए लोगों को झूठा सहारा लेकर वाहवाही लूटने के लिए अपनी नौकरी बचाने के लिए बड़े उद्योगपतियों और नेताओं के चंगुल में फंसे रहना पड़ता उनकी हाजिरी चाकरी लगानी पड़ती है अगर यही हाल रहा तो बहुत दूर नहीं हो दिन जबकि अग्रेज जब भारत में कब्जा किए हुए थे लेकिन अब तो काले अंग्रेज भारत के ही भारत में कब्जा कर उद्योगपति लोग गरीबों को मरने पर मजबूर करते रहेंगे। अगर आप अपने हित की बात को बहुत दूर तक सोचे समझे तो मेरे द्वारा लिखी गई बातों को समझने की कोशिश करेंएवं किसी भी चुनाव में वोट देने के लिए लाइन में लगने अपना समय बर्बाद करने के समय यह सब कुछ सोचे कि हम क्या कर रहे हैं इनको 55 दास 10 वर्ष के लिए अधिकार दिला देते हैं यह अधिकार लेकर अपने हितों के लिए दौड़ना चालू कर देते हैं और आप सब फिर वही मेहनत मजदूरी में उसी तरह परेशानियों में जुटे रहते हैं अगर वोट से इन्हें बड़े पद पर ही बैठ आना है तो बहुत कुछ सोच कर ही वोट दें अन्यथा हर एक चुनाव में वोट का बहिष्कार करें क्योंकि ना तो यह राजनेता आपके किसी काम आते हैं और ना ही ऊंचे पदों पर बैठे आला अधिकारी आपको तो बस वही जिंदगी भर उसी तरह मेहनत मजदूरी करनी होती है नियमों के पीछे पीछे दौड़ना होता है और जिंदगी बितानी होती है अगर देखा जाए तो ना तो आप को वोट देने के बाद किसी तरह की सुविधाएं प्राप्त होती हैं और ना ही कुछ आपके परिवार को जो भी कुछ मिलता है तो उन्हें ऊंचे पदों पर जिनको आप के वोटरों द्वारा बैठाया जाता है उनके घर परिवार नाथ रिश्तेदारों को हर तरह की सुख सुविधाएं प्राप्त होती हैं और हर तरह से नौकरी चाकरी पैसा रूपया सुख सुविधाएं प्राप्त कराई जाती है और आप सब इनके बंधन में हमेशा बने रहते हैं इन सभी आपके द्वारा ऊंचे पदों पर बैठाए गए नेताओं की तनख्वाह हर तरह से इनको बिजली पानी में छूट ऐसी गाड़ियों में घूमने की सुविधाएं उसी तरह हर कर्मचारी को एक-एक लाख डेढ़ डेढ़ लाख हर महीने तनख्वाह ऊपरी कमाई का जरिया घोष जिसके द्वारा यह अपने जीवन और घर परिवार को एस कर आते हैं लेकिन आपको क्या मिलता है कम से कम अपने अपने घर परिवार वालों के लिए कभी तो सोचिए नहीं तो सबसे अच्छा समय वही था अंग्रेजों का कम से कम मेहनत मजदूरी करते थे और उनकी गुलामी करते थे तो दो वक्त की रोटी ही नसीब हो जाती थी अन्यथा यह बड़े ऊंचे पदों पर बैठे लोग एवं जनता द्वारा चुनकर गए पड़े पदों पर नेताओं के चंगुल में फंसे रहेंगे तो आने वाले समय में आपके बच्चे भूखे मरेंगे एवं आत्महत्या करते रहेंगे इस लिखे हुए बातों पर गौर करें इसे ध्यान से पढ़ें एवं सत्यता क्या है अपने हिसाब से लिख भेजे संपर्क सूत्र 8982 8798 55 व्हाट्सएप नंबर WhatsApp chat here 

रविवार, 14 मार्च 2021

आयुक्त  लोक शिक्षण भोपाल के तुगलकी फरमान के विरोध में अध्यापको ने मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन एस डी एम हुजूर को सौंपा

आयुक्त लोक शिक्षण भोपाल के तुगलकी फरमान के विरोध में अध्यापको ने मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन एस डी एम हुजूर को सौंपा

 आयुक्त  लोक शिक्षण भोपाल के तुगलकी फरमान के विरोध में अध्यापको ने मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन एस डी एम हुजूर को सौंपा ।

                            



रीवाआयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल जय श्री कियावत के अध्यापक संवर्ग की क्रमोन्नति स्थगित रखने और क्रमोन्नति प्रक्रिया को रोकने वी सी में दिए गए निर्देश के विरोध  आजाद अध्यापक संघ की प्रांताध्यक्ष श्रीमती शिल्पी सिवान के निर्देश पर प्रदेश सहित रीवा जिले में में ज्ञापन सौंपा गया  संघ के जिलाध्यक्ष अनिल शुक्ला ने बताया कि 1 जुलाई 18 से  राज्य स्कूल शिक्षा सेवा में नियुक्त होने की प्रक्रिया के दौरान प्रदेश के अध्यापक संवर्ग को अपनी पूर्व की सेवा अवधि के मान्य होने अथवा न होने की आशंका थी। जिस पर आयुक्त लोक शिक्षण द्वारा प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से आश्वस्त किया गया था कि पदोन्नति/क्रमोन्नति और वरिष्ठता संधारण में पूर्व के सेवा अवधि का पूर्ण लाभ मिलेगा।

2- राज्य स्कूल शिक्षा सेवा की जारी सेवा शर्तों में बिंदु क्रमांक 2.15 में कहा गया कि पूर्व की 10 वर्ष की सेवा को पदोन्नति/क्रमोन्नति में गणना में लिया जाएगा और इसी आदेश के बिंदु 3.2 में पूर्ण वर्षों को गणना में शामिल करते हुए क्रमोन्नति का उदाहरण भी दिया गया।

3- बिंदु क्रमांक 3.2 का पालन करते हुए अनेक जिलों ने पहले 12 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षकों की प्रथम क्रमोन्नति के आदेश जारी कर दिए फिर भी आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने  निर्देशों का हवाला देकर क्रमोन्नति की प्रक्रिया को तुगलकी फरमान जारी कर निरस्त कर दिया। 

        अतः माननीय मुख्यमंत्री जी से विनम्र आग्रह है उक्त मामले में तत्काल कार्यवाही करते हुए क्रमोन्नति / पदोन्नति तथा अन्य मामलों में नियुक्ति दिनाँक से वरिष्ठता हेतु  पूर्व की समस्त सेवा अवधि की गणना संबंधी पत्र जारी कराने की कृपा करें  ताकि अध्यापक संवर्ग के प्रति आयुक्त द्वारा किये गए दोयम दर्जे के व्यवहार   पर विराम लग सके। अध्यापक संवर्ग की क्रमोन्नति प्रक्रिया रीवा जिले में भी रुकी है तथा प्रदेश के जिन जिलों में क्रमोन्नति हो चुकी थी उनके आदेश स्थगित रखने हेतु आयुक्त लोक शिक्षण  भोपाल निर्देश दिए है जो अध्यापक संवर्ग के साथ घोर अन्याय है  एवम मुख्यमंत्री की मंशा के विपरीत है अगर आयुक्त द्वारा जारी तुगलकी फरमान शीघ्र निरस्त नही किया जाता तो शीघ्र ही पूरे प्रदेश में आदेश के विरोध में धरना प्रदर्शन चालू होगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी

आज के ज्ञापन में प्रांतीय महासचिव राजीव तिवारी प्रांतीय सचिव पुनीत दीक्षित  सम्भागीय अध्यक्ष राजेश मिश्रा जिला प्रमुख  श्रीमती शीतल पाठक ,  डा शोभा शर्मा निरंजन कुमार द्विवेदी सत्येंद्र तिवारी  दिलीप तिवारी देवेंद्र सोनी अरुण तिवारी कमल कांत परिहार सुभाष चतुर्वेदी  दिनेश कुमार आदिवासी दीपक मिश्रा गोविंदलाल सिंह  दिवाकर शुक्ला किरण पांडे कमलेश द्विवेदी तरुण तिवारी  चंद्रवंशीजी राजू तिवारी  अनिल शर्मा दीपक पांडे  वीरेंद्र बिरहा राकेश कुमार सोनी हनुमना राकेश तिवारी रंगनाथ मिश्र रमाकांत मिश्रा देवेंद्र कुमार तिवारी अनिल मिश्रा  उपेंद्रमणि द्विवेदी  चंद्रमौलि त्रिवेदी रजनीश कुमार पटेल प्रभाकर सिंह सतीश सोनी बिलाल अहमद,  राम गोपाल सिंह विजय कृष्ण पांडेय डॉ यूके तिवारी इंद्रशरणधर द्विवेदी डॉ शोभा शर्मा सविता तिवारी अर्चना मिश्रा प्रतीक्षा चतुर्वेदी आरके गौतम सुभाष कुमार पांडे सुनीत कुमार पटेल कुश कुमार वर्मा धर्मेश कुमार पटेल अनिल कुमार पटेल

अनीता सिंह  अनिल तिवारी सुरेंद्र पांडे  ज्ञानेंद्र उपाध्याय राकेश द्विवेदी अजय अवस्थी, महेंद्र सिंह  रमाशंकर विश्वकर्मा, निजाम हुसैन सिद्दीकी, शशांत शुकला धीरेन्द्र दववेदी श्रीमती आशा चौरसिया नरेंद्र चौरसिया सहित कई अध्यापक  उपस्थित रहे।।

 विशेष  आजाद अध्यापक संघ के ज्ञापन कार्यक्रम में समर्थन म प्र  राज्य कर्मचारी  संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष  डॉ कृष्णराज सिंह जी, रामओपीएस के जिलाध्यक्ष श्री शिवानंद तिवारी, प्रांतीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेश्वर शर्मा जी का रहा l


बुधवार, 3 मार्च 2021

भारतीय महिला क्रिकेट टीम में विंध्य की बेटी का चयन

भारतीय महिला क्रिकेट टीम में विंध्य की बेटी का चयन


 

भारतीय महिला क्रिकेट टीम में विंध्य की बेटी  का चयन



दिनांक 03 मार्च 2021



सिंगरौलीभारतीय महिला टीम और दक्षिण अफीका के बीच होने वाले टी 20 सीरीज के लिये सिंगरौली जिले की बेटी नुजहत परवीन का चयन एक बार पुनः भारतीय महिला टीम में किया गया है। 
अखिल भारतीय महिला चयन समिति ने दक्षिण अफीका के साथ होने वाली टी-20 सीरीज के लिये भारतीय महिला टीम का ऐलान कर दिया गया है। जिसमें विंध्य की बेटी नुजहत परवीन को विकेट के तौर पर जगह मिली है। हालांकि वन डे में नुजहत को जगह नहीं मिली है। इससे पूर्व भी नुजहत राष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीम की तरफ से कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मैच खेल चुकी हैं। इसी तरह वन डे टीम में हिमाचल प्रदेश की सुषमा वर्मा और उत्तर प्रदेश की श्वेता वर्मा भी जगह मिली है। जबकि टी 20 टीम में विकेट कीपर नुजहत परवीन नया चेहरा हैं। 
जानकारी अनुसार मिताली राज को वन डे टीम का और हरमनप्रीत कौर को टी-20 टीम का कप्तान बनाया गया है। टी-20 क्रिकेट का मुकाबला 24 मार्च से शुरू होने जा रहा है। सीरीज के तहत 5 वन डे और 3 टी-20 मुकाबले खेजे जाने हैं। सीरीज के सभी 8 मैच लखनऊ में स्थित भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी स्टेडियम में खेले जायेंगे। 



मंगलवार, 2 मार्च 2021

सवारी ऑटो वालों की हिम्मत इतनी बढ़ गई है कि सवारियों का सामान धमकी देकर हाथ से छीन कर अपने साथ ले गया।

सवारी ऑटो वालों की हिम्मत इतनी बढ़ गई है कि सवारियों का सामान धमकी देकर हाथ से छीन कर अपने साथ ले गया।

लगभग दोपहर के 12:00 बजे  जय स्तंभ से सिरमौर चौराहा के बीच की रास्ते की घटना है ,जिसमें 1 ऑटो ड्राइवर ने जयस्तंभ सेसिरमौर 

चौराहा तक कहा

 फिर उसने अधूरे रास्ते में ही सवारी उतार दी ।

जिससे एक महिला सवारी गुस्से में आ गई और जिस प्रकार ऑटो ड्राइवर ने अधूरा स्थान तक पहुंचाया उसी प्रकार उसने किराया भी आधा ही दिया जिससे ड्राइवर ने जवाब दिया की किराया पूरा दो नहीं तो मैं तुम्हारा सामान नहीं दूंगा और वह सामान लेकर भाग गया।
*अर्थात कहने से तात्पर्य यह है कि आटो चालक की हिम्मत इतनी बढ़ गई है की मनमाने तरीके से किराया मांगते हैं और सवारी के द्वारा किराया ना दिए जाने पर उनका सामान उनसे छीन कर भाग जाते हैं और धमकी देते हैं क्या कर लोगे मेरा?

संवाददाता-शिवम साकेत

बुधवार, 24 फ़रवरी 2021

छुहिया घाटी के चार सबसे खतरनाक मोड़ों पर सड़क सुधार का कार्य शुरू, 23 से 6 मार्च तक भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित है

छुहिया घाटी के चार सबसे खतरनाक मोड़ों पर सड़क सुधार का कार्य शुरू, 23 से 6 मार्च तक भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित है

 

खबर संग्राम न्यूज रीवा 




सीधी/रीवा।

रीवा-शहडोल मार्ग पर रीवा तथा सीधी जिले की सीमाओं में स्थित छुहिया घाटी (Chhuhiya Ghati) में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) द्वारा सुधार का कार्य शुरू कर दिया गया है। घाटी के चार खतरनाक मोड़ों पर एक साथ सड़क सुधार का कार्य किया जा रहा है। घाटी के कई कठिन मोड़ों में सड़क उखड़ गई है। मोड़ों में बड़े-बड़े गड्ढे तथा धूल है जिसके कारण वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया है। इन मोड़ों में सड़क को समतल करके तथा धूल हटाकर सुधार का कार्य किया जा रहा है।

रीवा तथा सीधी जिले के पुलिस विभाग के अधिकारी सड़क में सुधार कार्य की लगातार निगरानी कर रहे हैं। कलेक्टर सीधी रवीन्द्र कुमार चौधरी तथा पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत ने मौके पर पहुंचकर सड़क सुधार कार्य का जायजा लिया ।कलेक्टर ने सड़क विकास निगम के अधिकारियों को सड़क सुधार के संबंध में निर्देश दिये। कलेक्टर सीधी तथा कलेक्टर रीवा द्वारा छुहिया घाटी में 23 फरवरी से 6 मार्च तक भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाया गया है। जिससे घाटी के सुधार का कार्य सुचारू रूप से किया जा सके।

मंगलवार, 23 फ़रवरी 2021

1988 से अब तक विंध्य के 3 सबसे बड़े बस हादसे, जो पत्तल लीं 200 से अधिक जानें | सीधी बस दुर्घटना सीधी बस दुर्घटना खबर संग्राम न्यूज चैनल रीवा

1988 से अब तक विंध्य के 3 सबसे बड़े बस हादसे, जो पत्तल लीं 200 से अधिक जानें | सीधी बस दुर्घटना सीधी बस दुर्घटना खबर संग्राम न्यूज चैनल रीवा







1988 से अब तक विंध्य के 3 सबसे बड़े बस हादसे, जो पत्तल लीं 200 से अधिक जानें | सीधी बस दुर्घटना सीधी बस दुर्घटना 



रीवा। विंध्य के सीधे जिले में मंगलवार को यात्री बस के नहर में गिरने से हादसे में मृतकों की संख्या 51 तक पहुंच गई है। जबकि अभी भी 3 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
 इस हादसे के दौरान बस में सवार 7 लोग नहर से तैरकर बाहर आ गए। विंध्य का यह तीसरा सबसे बड़ा हादसा है। इसके पहले भी सीधे और रीवा जिले में दो ऐसी ही घटनाएं हो चुकी हैं। जिनकी वजह से कई लोगों की मौत हो गई थी। 
सीधी-सतना सड़क मार्ग पर ही आज से 33 साल पहले यानी वर्ष 1988 में और रीवा के गोविंदगढ़ में वर्ष 2006 में ऐसा ही हादसा हुआ था। जहां लोगों की मौत का पानी में डूबने की वजह से हो गया था। 1988, 2006 और 2021 में बड़े बस हादसों में 201 लोगों की जान जा चुकी है। 

 1988 लिलजी बाँध बस दुर्घटना (लिलजी बंध बस दुर्घटना 1988) आज से 33 वर्ष पहले लिलजी बाँध में एक बस गिर गई थी। 1988 में हुई इस सड़क हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस हादसे में 88 लोगों की मौत सीधे सतना मार्ग स्थित लिलजी बाँध में डूबने की वजह से हो गई थी। उसके बाद इलाके में कोहराम मच गया था। सरकार की तरफ से बड़ी-बड़ी बातें की गई थीं लेकिन कुछ हुआ नहीं। बताया जा रहा है कि बस की छत तक में लोग बैठे हुए हैं। क्षमता से कहीं अधिक लोग बसने की यात्रा कर रहे हैं।

  1.  सीधी बस दुर्घटना /  'मेरी आँखों के सामने डूबती जा रही थी बस पर मैं कुछ न कर सका, देख ही देखता सब ख़त्म हो गया': निर्देशक की दर्दनाक कहानी 2006 गोविंदगढ़ बस हादसा
  2.  ( गोविंदगढ़ बस दुर्घटना  2006)  लिलजी बांध बस हादसे के बाद एक बार फिर विंध्य में बड़ी सड़क हादसा हुआ। वर्ष 2006 में एक यात्री बस गोविंदगढ़ के तालाब में जा गिरी। बताया जा रहा है कि यह बस में 63 लोग सवार हैं, जिसमें से एक ही व्यक्ति जिन्दा बच पाया था। बांकी सभी 62 लोगों की मौत पैचब में डूबने की वजह से हो गया था। इस बस में भी क्षमता से अधिक लोगों को बैठाया गया था।  
  3.   सीधी बस दुर्घटना /  साथ जीने-मरने की कसम पूरी हुई, एक ही चिता पर नवदम्पति अजय और तपस्या का अंतिम संस्कार 16 फरवरी 2021 सीधी बस हादसा 
(सीधी बस दुर्घटना 2021)  तीसरी सबसे बड़ी बस हादसे की घटना हाल ही में मंगलवार 16 फरवरी 2021 को हुई है। सीधी से सतना जिले की ओर जा रही बस सीधी जिले के रामपुर नैकिन स्थित पटना नहर में गिर गई। इस घटना में गुरुवार तक 51 लोगों के शव मिल चुके हैं। जबकि 3 लोग अभी भी लापता हैं। 7 लोग सुरक्षित बाहर आ गए। इस बस में क्षमता से अधिक लोग सवार होते हैं। 32 सीटर बस में 61 लोग सवार हैं। 



 सीधे बस्तियों में मृतकों की सूची नीचे दी गई डाउनलोड करने के लिए डाउनलोड पर क्लिक करें-